भिंड में भाजपा विधायक अम्बरीष शर्मा का धरना विवाद
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भिंड में भाजपा विधायक अम्बरीष शर्मा का धरना विवाद

Controversy over BJP MLA Ambrish Sharma

Controversy over BJP MLA Ambrish Sharma

Bhind Protocol Violation: लहार से भाजपा विधायक अम्बरीष शर्मा उर्फ गुड्डू द्वारा अपनी ही सरकार के खिलाफ धरना देने का मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है. पार्टी संगठन की नाराजगी के बाद विधायक को भोपाल तलब किया गया, जिसके बाद उन्होंने धरना समाप्त कर राजधानी में मुख्यमंत्री मोहन यादव और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से मुलाकात कर अपनी बात रखी.
भोपाल में हुई बैठक के दौरान विधायक ने लहार क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाया और स्थानीय प्रशासन पर कांग्रेस के दबाव में काम करने का आरोप लगाया.

गोविंद सिंह की कोठी पर कार्रवाई की मांग

विधायक अम्बरीष शर्मा ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह की कोठी को लेकर गंभीर आरोप लगाए. उनका कहना है कि दलित बस्ती के सरकारी रास्ते पर अतिक्रमण कर कोठी का निर्माण किया गया है, लेकिन प्रशासन राजनीतिक दबाव के चलते कार्रवाई नहीं कर रहा है. विधायक ने इस मामले में निष्पक्ष जांच और अवैध निर्माण पर सख्त कार्रवाई की मांग रखी.

प्रशासनिक अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप

अम्बरीष शर्मा ने स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि आम जनता की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी निष्पक्षता से काम करने के बजाय प्रभावशाली लोगों के दबाव में फैसले ले रहे हैं. इसी कारण उन्होंने दो दिन पहले अपनी ही सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था, जिसे सत्ताधारी दल के भीतर असंतोष के संकेत के रूप में देखा जा रहा है.

रेत खदान बंद होने से जनता परेशान

विधायक ने लहार क्षेत्र में रेत खदान बंद होने का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि भिंड और मेहगांव विधानसभा क्षेत्रों में रेत खदानें संचालित हो रही हैं, जबकि लहार में उत्खनन बंद है. इससे स्थानीय लोगों को मेहगांव विधानसभा के रौन क्षेत्र से महंगे दामों पर रेत खरीदनी पड़ रही है. उन्होंने लहार में रेत खदान जल्द शुरू कराने की मांग की.

बिजली कटौती का मुद्दा भी उठाया

लगातार हो रही बिजली कटौती को लेकर भी विधायक ने नाराजगी जताई. उन्होंने बताया कि लहार क्षेत्र के कई गांवों में लंबे समय तक बिजली नहीं मिल रही है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है. विधायक ने मुख्यमंत्री और प्रदेश नेतृत्व से बिजली व्यवस्था तत्काल सुधारने की मांग की.

विवादित बयानों से बढ़ा सियासी पारा

धरने के दौरान विधायक अम्बरीष शर्मा के तीखे और विवादित बयान भी चर्चा में रहे. उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा था कि “हमारे धैर्य को कमजोरी न समझें.” साथ ही उन्होंने गोविंद सिंह को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की और अधिकारियों को धमकी भरे लहजे में बयान दिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.

संगठन की सख्ती के बाद खत्म हुआ धरना

गौरतलब है कि दो दिन पहले विधायक अम्बरीष शर्मा सैकड़ों समर्थकों के साथ लहार के भाटनताल स्थित दशहरा मैदान में अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठ गए थे. उनकी नाराजगी स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली और जनसमस्याओं के समाधान में देरी को लेकर थी. इस पर भाजपा संगठन ने सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें भोपाल बुलाया, जिसके बाद धरना समाप्त हुआ. भोपाल में हुई बैठक के बाद अब नजर इस बात पर टिकी है कि विधायक द्वारा उठाए गए मुद्दों पर सरकार और प्रशासन क्या कदम उठाते हैं. यह मामला न केवल भिंड जिले की राजनीति, बल्कि सत्ताधारी दल के अंदरूनी हालात और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी कई सवाल खड़े कर रहा है..